व्यक्तिविवेक : राजानक महिमाभट्ट द्वारा मुफ्त हिंदी पीडीएफ पुस्तक | Vyaktiviveka : by Rajanaka Mahimabhatt Free Hindi PDF Book 

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पुस्तक का नाम / Name of Book : व्यक्तिविवेक / Vyaktiviveka


पुस्तक के लेखक / Author of Book : राजानक महिमाभट्ट / Rajanaka Mahimabhatt


पुस्तक की भाषा / Language of Book : हिंदी / Hindi


पुस्तक का आकर / Size of Ebook : 56.6 MB


कुल पन्ने / Total pages in ebook : 541


पुस्तक डाउनलोड स्थिति / Ebook Downloading Status  : Best 

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पुस्तक का विवरण : व्यक्तिविवेक मूलतः संस्कृतभाषा में लिखा हुआ एक काव्यशास्त्रीय ग्रन्थ है| इसके रचियता राजानक महिमाचार्य है| इस ग्रन्थ की अन्तरग परीक्षा से ईसवी सन १००० से १०५० अथवा ११०० के बीच का माना जाता है| ऊपरी सीमा १००० इसलिए निर्धारित होती है कि व्यक्तिविवेक में अभिनवगुप्त के लोचन का एक अंश अक्षरशः उध्दृत मिलता है| अभिनवगुप्त के अन्य ग्रंथों का रचनाकाल उनके स्वयं के उल्लेखों के अनुसार ११०-१ से लेकर १०१४-५ ई० तक निर्धारित है..............


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Description about eBook : Vyaktivivek originally written in sanskrit language the book is a Poetics. The Creator is Mahimachary Rajanak. Antrag examination of the text of the 1050 or 1100 AD, the year 1000 is considered one of the. So it is determined that the upper limit of 1000 in Wyktivivek Abhinavagupta is quoted literally a fraction of the Lochan. Abhinavagupta Rcnakal other texts according to their own references from 110-1 AD to 1014-5 AD....................


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One Quotation / एक उद्धरण

“जीतना सब कुछ नहीं है, लेकिन जीतने की इच्छा होना है।”
विन्स लोम्बार्डी

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“Winning isn’t everything, but wanting to win is.” 
Vince Lombardi






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